रिपोर्ट । पंकज सिंह

एक ऐसा प्राथमिक विद्यालय जहां पढाई की जगह होती है खेती

खेती के कारण बच्चों के खेलने की नही है विद्यालय में जगह
बच्चों को जीव जंतुओं का बना रहता है डर

कसमंडा-सीतापुर । जनपद सीतापुर के विकासखंड कसमंडा का एक ऐसा विद्यालय भी है जहां बच्चों की पढ़ाई की जगह प्रांगण में खेती किसानी कराई जाती है प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड कसमंडा के ग्राम पंचायत सीतारसोई केप्राथमिक विद्यालय सोनारी के प्रांगण में प्रधानाध्यापिका द्वारा उरद की खेती करवा दी गई जिससे विद्यालय प्रांगण में फसल के साथ साथ काफी घास उग गई है और घास से आए दिन कीड़े मकोड़े निकलकर विद्यालय कक्षाओं तक आ जाते हैं जो वहां पढ़ने वाले बच्चों के लिए खतरा बना रहता है स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार इस घास से कई बार जीव जंतु भी बाहर निकल कर आ जाते हैं एवं जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है तथा बच्चों को खेलने के लिए विद्यालय में कहीं भी कोई जगह शेष नहीं बचती है । जब इस बारे में विद्यालय की इंचार्ज गीता अवस्थी से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि लाक डाउन के दौरान विद्यालय प्रांगण खाली था इसलिए उस प्रांगण में उड़द की बुवाई करवा दी गई जो अभी कुछ समय बाद खाली हो जाएगा । जबकि जब इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी कसमंडा शाहीन अंसारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह कतई गलत है अगर ऐसा किया गया है तो यह गलत है परंतु सवाल यह उठता है कि उड़द जैसी फसल तीन से चार महीनों में तैयार होती है अब इस दौरान क्या आज तक खंड शिक्षा अधिकारी उक्त विद्यालय में या तो गई ही नहीं या इसको नजरअंदाज कर दिया गया । वही जब हमारी टीम विद्यालय प्रांगण पहुंची तो दोपहर के 2:10 बज रहे थे जबकि इसके पहले ही बच्चों की छुट्टी कर दी गई थी वही मौके पर दो शिक्षिकाएं अध्यापिका कल्पना भार्गव व शिक्षामित्र आशा सिंह मौजूद मिली जबकि इंचार्ज गीता अवस्थी व शिक्षा मित्र नीलम अनुपस्थित मिली ।जब विद्यालय में उपस्थित सहायक अध्यापिका कल्पना भार्गव से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा की बच्चे परेशान होने लगते हैं इसलिए थोडा पहले छोड देते है तथा ईन्चार्ज गीता अवस्थी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि खण्ड शिक्षा अधिकारी महोदया का आदेश है इसलिए मै सुबह 10 बजे ही मीटिंग के लिए निकल आई हूँ जब खण्ड शिक्षा अधिकारी से जानकारी ली गयी तो उन्होंने कहा कि कोई मीटिंग मेरी जानकारी में नही है मै देखूँगी । अब देखना यह है कि क्या जिम्मेदार इस पर संज्ञान भी लेंगे अथवा इसी तरह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता रहेगा ?