रिपोर्ट/इमरान मंसूरी

कानपुर देहात में हुए तीन पत्रकारों के ऊपर हुई एफ आई आर से भारत में पत्रकारिता संकट के दौर से गुजर रही है। सच की आवाज को बुलंद करने वाले पत्रकारों पर दिनोंदिन हमले तेज होते जा रहे हैं,

भारत को पत्रकारों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक देशों की रैंक में रखा गया है. देश में हर साल सैकड़ों पत्रकार रिपोर्टिंग करते वक्त अपनी जान गंवा देते हैं. न्यूज कवर करते समय पत्रकारों को डराना-धमकाना आम बात हो गई है।

ऐसा ही एक मामला कानपुर देहात के अकबरपुर का सामने आया जहां पर एक एक कार्यक्रम के दौरान स्कूल के बच्चों को ठिठुरती हुई सर्दी में योगा और व्यायाम करते हुए ऐसी अवस्था में देखा गया बच्चों के तन पर हाफ शर्ट हाफ पेंट के साथ योगा करते देखे गए।

इसी सच्चाई को कानपुर देहात के तीन पत्रकारों ने इमानदारी से मीडिया के जरिए आम करने की कोशिश की इस पर नाराज कुछ अधिकारियों को यह बात नागवार गुजरी और उनके द्वारा सच्चाई दिखाने वाले तीन पत्रकारों के ऊपर f.i.r. कर दी गई इसी संबंध में कानपुर में इलेक्ट्रॉनिक रेस क्लब के कार्यकारिणी सदस्य एवं सदस्यों ने कानपुर जिला अधिकारी को ज्ञापन देकर मांग की।

कि उन पत्रकारों के ऊपर हुए एफ आई आर को हटाया जाए।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से केंद्रीय पत्रकार हेल्पलाइन एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद इमरान आजमी व राष्ट्रीय संगठन मंत्री अनीस अंसारी व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सत्तार खान व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नसीम अहमद व
राष्ट्रीय महामंत्री माता प्रसाद चतुर्वेदी व राष्ट्रीय सचिव इमरान उस्मानी व राष्ट्रीय महासचिव मुईज अहमद फारुकी व इलेक्ट्रॉनिक प्रेस क्लब के अध्यक्ष फिरोज खान जी
महामंत्री महेंद्र मिश्रा सलीम खान एवं सदस्य शामिल रहे